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बस्तर में मलेरिया को खत्म करने के लिए डोर टू डोर चल रहा है अभियानः स्वास्थ्य मंत्री

मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार बस्तर को स्वास्थ्य क्षेत्र में बनाना है अग्रणी क्षेत्रः स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

बस्तर में मलेरिया को खत्म करने के लिए डोर टू डोर चल रहा है अभियानः स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री तीन दिवसीय बस्तर संभाग का पहला दिन, कोंडागांव, कांकेर और बस्तर जिले का किया दौरा

रायपुर, 5 अगस्त 2025/
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को बस्तर संभाग के पांच जिलों के तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत की। दौरे की शुरुआत कोंडागांव जिले से हुई, जिसके बाद कांकेर होते हुए मंत्री श्री जायसवाल जगदलपुर पहुंचे। यहाँ उन्होंने डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और जिला अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से मुलाकात की और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की।

स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्व में दिए गए कई निर्देशों की प्रगति की भी समीक्षा की, जिनमें मरीजों के लिए पर्दा व्यवस्था, स्क्रीन, टीवी, ऑनलाइन टोकन जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज को और अधिक सशक्त करने के लिए शासन द्वारा 50 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा रही है। इस राशि का उपयोग मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के हॉस्टल और अस्पताल के नवीनीकरण, जिम, मरीजों के परिजनों के बैठने की सुविधा और चिकित्सा उपकरणों की खरीदी हेतु किया जाएगा।

130 संस्थानों को मिला एनकरेज सर्टिफिकेट, बस्तर के लिए गौरव का क्षण

मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर यह भी जानकारी दी कि बस्तर संभाग के 130 स्वास्थ्य संस्थानों को भारत सरकार की एजेंसी द्वारा गुणवत्ता प्रमाणीकरण (एनक्यूएएस सर्टिफिकेट) प्रदान किया गया है। उन्होंने इसे बस्तर के लिए स्वर्णिम समय बताया। उन्होंने कहा कि यह वही बस्तर है जिसे कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, जहां विकास की कल्पना भी कठिन थी। आज इन क्षेत्रों के अस्पतालों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलना एक बड़ी उपलब्धि है और यह सब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में संभव हो पाया है।

चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति में बड़ी प्रगति

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जो चिकित्सक पद रिक्त थे, उन्हें भर दिया गया है। अब तक 800 चिकित्सकों की नियुक्ति की जा चुकी है। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ के किसी भी अस्पताल में अब एमबीबीएस डॉक्टर का एक भी पद खाली नहीं है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में मेडिकल कालेजों के लिए 125 सहायक प्राध्यापक और राज्य में 610 नर्सों की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार हेल्थ सेक्टर में मानव संसाधन, उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर गंभीरता से कार्य कर रही है।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जल्द होगा शुरू
जगदलपुर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि बस्तर क्षेत्र के सबसे बड़े सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल आने वाले कुछ महीनों के भीतर आमजन के लिए प्रारंभ कर दी जाएगी। इस अस्पताल के संचालन के लिए देश के प्रतिष्ठित कॉण्टिनेंटल ग्रुप के साथ एमओयू किया गया है।

श्री जायसवाल ने कहा कि अस्पताल प्रारंभ होने के बाद अब बस्तर से मरीजों को एयरलिफ्ट या एम्बुलेंस के माध्यम से बाहर नहीं ले जाना पड़ेगा। सभी आवश्यक सर्जरी और इलाज की सुविधा यहीं मिलेगी। जगदलपुर के महारानी अस्पताल का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि मात्र डेढ़ साल में इसमें अभूतपूर्व सुधार हुआ है और इसे और बेहतर किया जाएगा।

मलेरिया और डायरिया पर नियंत्रण को लेकर सरकार गंभीर

बस्तर में मलेरिया और डायरिया की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री जायसवाल ने बताया कि सरकार अब मलेरिया के पूर्ण उन्मूलन के लिए डोर-टू-डोर जांच अभियान चला रही है, जिसमें लक्षण न होने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है। पॉजिटिव मिलने पर उन्हें पूरी दवा दी जा रही है ताकि मलेरिया के परजीवी को जड़ से समाप्त किया जा सके। डायरिया की रोकथाम के लिए भी स्वास्थ्य अमला पूरी तरह सतर्क है। जहां भी आवश्यकता महसूस हो रही है वहां स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बस्तर में मलेरिया या डायरिया से जुड़ी कोई आपात स्थिति नहीं है।

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