Sunday, July 19, 2026
37.7 C
Delhi
Sunday, July 19, 2026
HomeBlogसमाचार

समाचार

बस्तर में बढ़ेगा तिलहनी फसलों का रकबा, कृषि विज्ञान केंद्र की अनूठी पहल

जगदलपुर, 10 जुलाई 2026/ जिले में पारंपरिक और नकदी फसलों के साथ-साथ अब तिलहनी फसलों के क्षेत्र विस्तार के लिए कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा विशेष पहल की जा रही है, जिसके तहत खरीफ सीजन में जिले के विभिन्न ब्लॉकों में ‘रामतिल’ (नाइजर) और ‘तिल’ (सेसमे) के व्यापक प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मक्का जैसी फसलों के विकल्प के रूप में कम लागत और अधिक मुनाफे वाली खेती को बढ़ावा देना है, जिसके लिए इस सीजन में बस्तर के कुल 225 एकड़ क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के लिए कार्ययोजना तैयार किया गया है।

     इस योजना के अंतर्गत बस्तानार, बस्तर, दरभा और चित्रकोट के गुरिया क्षेत्र में कुल 200 एकड़ में रामतिल का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 100 से 200 प्रगतिशील किसानों को शामिल किया जा रहा है। इन किसानों को न्यूनतम एक एकड़ और अधिकतम दो एकड़ के लिए उन्नत बीज व तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिसकी बुआई अगस्त महीने में संपन्न होनी है और इसके लिए वर्तमान में किसानों का चिन्हांकन तेजी से चल रहा है। इसी तरह तोकापाल और बस्तर ब्लॉक में कुल 25 एकड़ में तिल का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें 15 से 25 किसानों को जोड़कर बुआई की प्रक्रिया को लगभग पूर्णता की ओर ले जाया जा चुका है।

         कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार यह पूरा कार्यक्रम सरकार की फसल विविधीकरण नीति के तहत चलाया जा रहा है, जहाँ मक्का फसल के एक मजबूत और वैकल्पिक रूप में इन तेल वाली फसलों को प्रमोट किया जा रहा है। इन फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन्हें बहुत कम रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता होती है और इनमें कीड़े व बीमारियों का प्रकोप भी नाममात्र का होता है, जिससे किसानों की इनपुट कॉस्ट यानी लागत बेहद कम हो जाती है। इसके साथ ही पारंपरिक खेती के जानकार मानते हैं कि रामतिल के आकर्षक पीले फूल न केवल खेतों की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि धान के फूल आने के समय मधुमक्खियों को भी भारी संख्या में आकर्षित करते हैं, जिससे प्राकृतिक रूप से परागण बढ़ता है और आसपास की धान की फसलों के उत्पादन पर भी इसका बेहद सकारात्मक असर देखने को मिलता है। आज बाजार में खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों को देखते हुए शासन की नीतियों के अनुरूप बस्तर के किसानों का रुझान अब धीरे-धीरे पुनः तिलहनी फसलों की ओर लौट रहा है, जिससे आने वाले समय में जिले के कृषि परिदृश्य में एक बड़ा और लाभकारी बदलाव देखने को मिलेगा।
Previous article
*समाचार**खोटलापल ग्राम पंचायत में डबरी निर्माण से बदली ग्रामीणों की तकदीर, किसानों की आय में होगी वृद्धि*जगदलपुर, 08 जुलाई 2026/ कभी सिर्फ मानसूनी बारिश के भरोसे रहने वाले बस्तर जिले की खोटलापल ग्राम पंचायत के किसान आज आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहे हैं। जल संवर्धन के जमीनी प्रयासों के तहत गाँव में निर्मित एक डबरी (छोटे तालाब) ने न केवल क्षेत्र के भूजल स्तर को सुधारा है, बल्कि परंपरागत खेती से आगे बढ़कर रबी फसल और मत्स्य पालन के जरिए स्थानीय किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त बना दिया है। महात्मा गांधी नरेगा और जल संवर्धन योजनाओं के तहत हितग्राही सोनधर और मोंगर के खेतों में निर्मित इस डबरी ने सिंचाई के संकट को दूर करने के साथ-साथ ग्रामीणों के जीवन में एक क्रांतिकारी और सकारात्मक बदलाव की नींव रखी है।इस जल संरचना के निर्माण से खुश होकर ग्रामीण सोनधर कहते हंै कि यह डबरी जल संकट के स्थायी समाधान के रूप में सहायक होगा, क्योंकि अब इसमें बारिश का पानी एकत्रित होने से सिंचाई के लिए पानी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और फसलों को सूखा पड़ने के खतरे से पूरी तरह बचाया जा सकेगा। वहीं अब डबरी में पर्याप्त पानी जमा होने से वे रबी सीजन में दूसरी फसलों के साथ-साथ उन्नत साग-भाजी का उत्पादन भी कर पाएंगें जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। खेती में आए इस सुधार के साथ-साथ इस डबरी का बहुआयामी उपयोग अब मछलीपालन के लिए भी ग्रामीण परिवारों द्वारा किया जाएगा और इसी सफलता से उत्साहित होकर हितग्राही सोनधर ने आगामी समय में बतख पालन करने की मंशा भी जाहिर की।आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ इस परियोजना ने स्थानीय पर्यावरण और रोजगार को भी व्यापक रूप से प्रभाव देखने मिलेगा और इस जल संरचना के कारण आसपास के कुओं, हैंडपंपों और खेतों की मिट्टी की नमी (वाटर रिचार्जिंग) में भारी सुधार होगा। इसके अलावा, डबरी की खुदाई और निर्माण कार्य के दौरान ग्राम पंचायत के दर्जनों स्थानीय जॉबकार्डधारी ग्रामीण मजदूरों को सीधे उनके अपने गाँव में ही रोजगार मिला, जिसने क्षेत्र से होने वाले पलायन पर एक प्रभावी रोक लगाने का काम किया है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular