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साहित्य शिरोमणि लाला जगदलपुरी की 106वीं जयंतीसाहित्य महोत्सव का भव्य आयोजनबहुभाषी रचनाओं से गूंजा केंद्रीय ग्रंथालय

साहित्य शिरोमणि लाला जगदलपुरी की 106वीं जयंती
साहित्य महोत्सव का भव्य आयोजन
बहुभाषी रचनाओं से गूंजा केंद्रीय ग्रंथालय

​जगदलपुर, 17 दिसंबर 2025 / बस्तरांचल के साहित्य जगत के पुरोधा और ‘साहित्य शिरोमणि’ लाला जगदलपुरी जी का 106वां जन्मदिवस आज पूरे हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। जगदलपुर शहर के हृदयस्थल में स्थित लाला जगदलपुरी केंद्रीय ग्रंथालय में इस विशेष अवसर पर एक भव्य साहित्य महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें नगर पालिक निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, वरिष्ठ समाजसेवी और पद्मश्री धर्मपाल सैनी और अंचल के साहित्यकारों की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।
​इस साहित्यिक महाकुंभ में अंचल के वरिष्ठ रचनाकारों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच लाला जगदलपुरी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की गई। वरिष्ठ साहित्यकार हिमांशुशेखर झा ने अपने सम्मोहक विचारों के माध्यम से लाला जी के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं से श्रोताओं को अवगत कराया, वहीं सनत जैन और विजय सिंह ने उनके कृतित्व पर प्रकाश डाला। जगदीश चन्द्र दास एवं योगेन्द्र मोतीवाल ने लाला जी द्वारा रचित पुस्तकों का विस्तार से उल्लेख करते हुए उनके साहित्यिक योगदान को याद किया। कार्यक्रम में काव्य पाठ का सत्र अत्यंत रोचक रहा, जहाँ लाला जगदलपुरी की रचित कविताओं का विभिन्न भाषाओं में वाचन किया गया। नरेन्द्र पाढ़ी ने भतरी में, भरत गंगादित्य ने हल्बी में, अनिल शुक्ला और डॉ. सुषमा झा ने छत्तीसगढ़ी में तथा विनय श्रीवास्तव ने हिन्दी में उनकी रचनाओं का पाठ कर माहौल को साहित्यमय बना दिया।
​आयोजन के दौरान उपस्थित सभी साहित्यकारों को शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर माल्यार्पण के साथ सम्मानित किया गया। इस मौके पर अंचल के साहित्यकारों की पुस्तकों का विमोचन भी संपन्न हुआ और ग्रंथालय परिसर में पुस्तक मेले का भी आयोजन किया गया, जिसने साहित्य प्रेमियों को आकर्षित किया। कार्यक्रम में श्रीमती पूर्णिमा सरोज, कविता बिजोलिया, नीलम पाण्डे, श्री विनय श्रीवास्तव, भरत गंगादित्य, विधुशेखर झा, डॉ. प्रकाश मूर्ति, ऋषि शर्मा, श्रीमती डालेश्वरी पाण्डे, अवध किशोर शर्मा, डॉ सतीश जैन, अनिता रवि दुबे, रजत दीक्षित, चमेली नेताम, विपिन बिहारी दास, रामेश्वर प्रसाद चंद्रा, शिशिर कुमार टिकरिया, स्मृति मिश्रा, डॉ. राजेश, सुरेन्द्र कुमार, रविकुमार, चंद्र सिंह ठाकुर, खुदेजा खान, भोजराज साहू, नीता पाण्डे, अमिता रवि दुबे और नवनीत कमल जैसे अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
​इस गरिमामयी आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला शिक्षा अधिकारी श्री बलीराम बघेल, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री राजेश गुप्ता, प्राचार्य सुधा परमार, प्राचार्य मनीषा खत्री, श्री जयनारायण पाणिग्राही, सुशील साहू, राकेश खापर्डे, गोपेन्द्र सार्दूल, प्रभारी अधिकारी श्री सूरज निर्मलकर, सहायक प्रभारी अधिकारी श्रीमती पूर्णिमा देहारी, श्री गजराज सिंह, श्री धनन्जय बामने तथा ग्रंथालय के कार्यालयीन कर्मी श्रीमती संगीता बघेल, धनन्जय नेताम, भारती रथ, माधुरी पवन सिंह, सुश्री सरिता नेताम, संजू ध्रुव, ज्योति नेताम, सुमन, प्रकाश टांडिया, प्रमोद जोशी, गोपाल पाण्डे, धनसिंह कश्यप, संतोष खापर्डे और प्रणव तिवारी की सक्रिय भूमिका रही।

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