मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के उद्यमशील युवाओं को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से पूंजी, स्किल और काउंसलिंग दी जा रही है। इसके चलते नया उद्यमी वर्ग तेजी से उभर रहा है। बस्तर में पर्याप्त संसाधन हैं। उद्योग लगाने पर कच्चे माल की लागत कम होगी। पोर्ट सिटी से कनेक्टिविटी है, निर्यात में भी कोई कठिनाई नहीं होगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि औद्योगिक नीति में जो विपुल प्रोत्साहन हैं उनका लाभ उठाने का यह स्वर्णिम अवसर है। बस्तर ने निवेश के लिए रेड कारपेट बिछा दिया है और विकास के लिए टेकऑफ करने वाला है। आप सभी बस्तर की सफलता की इस उड़ान में शामिल हों। बस्तर में निवेश करें, यहाँ निवेश का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति निवेशकों के लिए आकर्षक और लाभकारी साबित हो रही है। अब तक 6.95 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अधिक से अधिक निवेश होने से यहाँ के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आईटी सेंटर सहित अन्य अधोसंरचना विकसित की गई है और उद्योगों को अनुदान की व्यवस्था भी की गई है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बीजापुर में पहली बार राइस मिल की स्थापना हो रही है। उन्होंने बताया कि जगरगुंडा की इमली मंडी, जो वर्षों से बंद थी, को फिर से चालू कराया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से राज्य की औद्योगिक नीति की सराहना दक्षिण कोरिया में भी हुई है, जिससे छत्तीसगढ़ को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि निवेश की दृष्टिकोण से अब बस्तर की तस्वीर बदल जाएगी, नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही उद्योगों को और ज्यादा बढ़ावा मिलेगा।बस्तर में अपर संभावनाएं है प्राकृतिक खेती, मिलेटस प्रसंस्करण, कोल्ड स्टोरेज आदि के लिए जो अनुबंध हो रहे है,यह बस्तर के विकास में अहम होगा।
विधायक जगदलपुर श्री किरण सिंह देव ने कहा कि बस्तर में औद्योगिक सृजन व नई औद्योगिक नीति के क्रियान्वयन हेतु बस्तर जिले में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। बस्तर में खनिज सम्पदा,पर्यटन क्षेत्र में असीम संभावना को देखते हुए बस्तर के विभिन्न उद्योग के स्थापना की संभावनाओं है जिसका सभी को लाभ प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने हाल ही में जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा कर निवेशकों को आमंत्रित किया है,इसका लाभ प्रदेश को मिलेगा ।कार्यक्रम में 34 उद्योगों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य की औद्योगिक नीति और बस्तर संभाग में उभरती संभावनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बस्तर की समृद्धि के लिए पर्यटन और छोटे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साल बीज और इमली जैसे उत्पादों की देशव्यापी आपूर्ति में बस्तर की प्रमुख भूमिका है, जिनका उपयोग कॉस्मेटिक उद्योग में किया जाता है।उन्होंने बताया कि निवेशकों के लिए औद्योगिक माहौल को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई नवाचार किए गए हैं। अब उद्यमियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और साल में केवल एक बार परीक्षण होगा। इसके अतिरिक्त, निवेशकों को ‘इंसेंटिव कैलकुलेटर’ से लाभ की सटीक जानकारी मिल सकेगी। अब तक प्रदेश में 6.95 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।कार्यक्रम में विशेष रूप से नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए विशेष अनुदान की घोषणा की गई। यदि वे उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। पर्यटन, कृषि-बागवानी, इलेक्ट्रॉनिक और फार्मास्युटिकल जैसे क्षेत्रों में निवेश करने पर भी विशेष अनुदान और छह वर्षों तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। स्थानीय लोगों को उद्योग स्थापित करने और रोजगार सृजन में प्राथमिकता दी जाएगी तथा शासन-प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।
इस अवसर पर एनएमडीसी द्वारा विशेष प्रस्तुतिकरण कर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और सामाजिक विकास में अपनी सहभागिता को प्रदर्शित किया गया। बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में निवेशकों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के स्वागत भाषण से हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सुशासन तथा अभिसरण के सचिव श्री राहुल भगत, आई जी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर और बड़ी संख्या में निवेशक उपस्थित थे।


